Headline
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे
किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

कसया (कुशीनगर): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के डिघवा बुजुर्ग गांव में शुक्रवार सुबह उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब एक 20 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ। मृतक की पहचान गांव के ही गौरव कुमार उर्फ गोलू प्रसाद के रूप में हुई है, जो पेशे से शिल्पकार थे। गौरव की सिर पर धारदार हथियार से बेरहमी से प्रहार कर हत्या की गई थी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया और करीब दो घंटे तक मौके पर भारी हंगामा और प्रदर्शन हुआ।

परिजनों के मुताबिक, गौरव कुमार कसया में किराए का कमरा लेकर पत्थर पर नक्काशी (शिल्पकारी) और लिखने का काम करते थे। गुरुवार रात करीब आठ बजे वह दुकान से अपने घर लौटे थे। कुछ देर बाद वह पानी की बोतल लेकर शौच के लिए पास के सरेह (खेतों) की तरफ निकले थे। जब रात 10 बजे तक वह घर वापस नहीं आए, तो पिता राजू ने उनके मोबाइल पर कई बार कॉल की। फोन की घंटी बजती रही, लेकिन गौरव ने कॉल रिसीव नहीं की। किसी अनहोनी की आशंका से घबराए परिजनों ने रात में ही खेतों की तरफ काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं मिला।

 शुक्रवार सुबह जब मजदूर खेतों की तरफ काम करने गए, तो उन्होंने गन्ने के खेत में एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में देखा। शव मिलने की सूचना जैसे ही गांव में फैली, गौरव के परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। घटना से आक्रोशित लोगों ने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस टीम का विरोध किया और शव को उठाने नहीं दिया।

 मामले की गंभीरता और बढ़ते बवाल को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) कसया डॉ. अजय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सिद्धार्थ वर्मा और एसडीएम डॉ. संतराज सिंह बघेल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर उचित कानूनी कार्रवाई और हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का कड़ा आश्वासन दिया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

थानाध्यक्ष इत्यानंद पांडेय ने बताया कि अभी पीड़ित परिवार की तरफ से लिखित तहरीर नहीं मिली है। हत्याकांड के जल्द खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top