प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा विशेष लाभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना से जुड़ेंगे 11 हजार विद्यार्थी
- मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा।
- योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
- विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जो आर्थिक कारणों, संसाधनों की कमी या अपने क्षेत्र में बेहतर कोचिंग की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
- ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को अपने स्थान से ही कोचिंग और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी नहीं बनेगी बाधा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल मेहनत से ही नहीं, बल्कि सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास से भी हासिल होती है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों तथा उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। राज्य सरकार ने तय किया है कि संसाधनों की कमी अथवा आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी।
युवा शक्ति उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश के युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। जरूरत केवल उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने, बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसर प्रदान करने की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम कर रही है।
नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है।
उन्होंने बताया कि:
- बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
- भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
- युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी सरकार का फोकस है।
युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखण्ड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने।
इसी सोच के तहत प्रदेश में:
- स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- स्थानीय उत्पादों और स्थानीय संसाधनों से जुड़े रोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
रिवर्स पलायन को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन बढ़ा है। आज अनेक युवा गांवों की ओर लौटकर विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ रहे हैं।
युवा:
- व्यवसाय,
- कृषि,
- बागवानी,
- होमस्टे,
- स्थानीय उत्पादों
से जुड़े उद्यमों के माध्यम से न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
प्रदेश के भविष्य निर्माण में युवाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं देखती, बल्कि उन्हें प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।
इसी सोच के तहत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन किया जा रहा है और उनके विचारों तथा सुझावों को जाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की:
- आशाओं,
- आकांक्षाओं,
- रोजगार से जुड़े विषयों
पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले न बनें, बल्कि प्रदेश की नीति और विकास की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बनें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया बड़े सपने देखने का आह्वान
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत एवं लगन से कार्य करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को:
- अवसर,
- आवश्यक संसाधन,
- बेहतर मार्गदर्शन,
- पारदर्शी व्यवस्था
उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और संकल्प के बल पर नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
विद्यार्थियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, सीधे किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे और उनसे सीधे संवाद किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी:
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों,
- भविष्य के लक्ष्यों,
- करियर की आकांक्षाओं
के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूरी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए जरूरी अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
उच्च शिक्षा मंत्री ने योजना को बताया महत्वपूर्ण पहल
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन सुलभ होगा।
उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें।
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर सरकार का फोकस
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि:
- इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे।
- प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
- ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
कोचिंग संस्थानों से सामाजिक दायित्व के रूप में कार्य करने की अपेक्षा
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान इस योजना को केवल व्यावसायिक दायित्व के रूप में न देखें, बल्कि इसे व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व के रूप में भी लें।
मुख्य सचिव ने कहा कि:
- सही मार्गदर्शन,
- नियमित संवाद,
- प्रत्येक विद्यार्थी की आवश्यकता के अनुरूप सहयोग
विद्यार्थियों की तैयारी और आत्मविश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
युवाओं से अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील
मुख्य सचिव ने युवाओं से उपलब्ध अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों और अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए वे अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ें।
ये रहे प्रमुख संदेश
- ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ।
- प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा।
- पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को योजना का विशेष लाभ मिलेगा।
- आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी को युवाओं के सपनों में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
- बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
- युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर सरकार का जोर।
- स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- प्रदेश में रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
- ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन किया जा रहा है।
- युवाओं से जुड़े विषयों के लिए प्रदेश में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
- छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने की घोषणा।
- ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
