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नई दिल्ली: उद्योगपति गौतम अडानी पर 2020 के एक मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर सौर ऊर्जा कॉन्ट्रैक्ट के लिए भारतीय अधिकारियों को 25 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप है। इस मामले में अडानी ग्रुप की कंपनियों के साथ सागर अडानी और पूर्व सीईओ विनीत जैन का नाम भी शामिल है।

कौन हैं सागर अडानी?
सागर अडानी, अडानी ग्रीन लिमिटेड के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं और गौतम अडानी के भतीजे हैं। उन्होंने अमेरिका से पढ़ाई की है और 2015 में अडानी ग्रुप से जुड़े। सागर अडानी ग्रुप का ऊर्जा व्यवसाय संभालते हैं। अडानी ग्रीन लिमिटेड, जो इस केस के केंद्र में है, अमेरिका में जांच के घेरे में है।

265 मिलियन डॉलर की रिश्वत का मामला
यह मामला न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में चल रहा है, जहां अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने अडानी ग्रुप पर 265 मिलियन डॉलर (लगभग 2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत के आरोप लगाए हैं। इस केस में सागर अडानी के अलावा विनीत जैन, साइरिल, सौरभ अग्रवाल, रंजीत गुप्ता, दीपक मल्होत्रा, और रुपेश अग्रवाल का भी नाम शामिल है।

अडानी ग्रुप को बड़ा झटका
इन आरोपों के चलते अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्रुप के शेयरों में 10 से 20% तक की गिरावट आई, जिससे कंपनी को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अडानी ग्रुप ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।

सियासी विवाद तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गौतम अडानी की गिरफ्तारी की मांग की और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह कदम पीएम मोदी की छवि खराब करने के लिए उठाया गया है।

अडानी ग्रुप का बयान
अडानी ग्रुप ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जांच में सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

यह मामला न केवल अडानी ग्रुप बल्कि भारतीय उद्योग जगत की प्रतिष्ठा पर भी असर डाल सकता है। अब सबकी नजर न्यूयॉर्क की अदालत में चल रही सुनवाई पर है।

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