Headline
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक के माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों को जारी की अगस्त माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा से मिले सीएम धामी, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी का विकास प्राधिकरणों को सख्त निर्देश—लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में तेजी लाएं, हर कार्य की तय हो समय-सीमा

चंडीगढ़: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में निकाय चुनाव को लेकर पंजाब सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को अवमानना का नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा है कि दोनों संस्थाओं ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया और 10 दिनों के भीतर चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन जारी नहीं होने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

कोर्ट के आदेश की अवहेलना
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले 15 दिनों के भीतर निकाय चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश के बाद भी राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अदालत ने अब सख्त रुख अपनाते हुए यह नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा है कि अगर 10 दिनों में नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही अवमानना का केस भी चलेगा।

चुनाव की लंबित स्थिति
राज्य में फगवाड़ा, अमृतसर, पटियाला, जालंधर, लुधियाना नगर निगमों और 42 नगर परिषदों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। बावजूद इसके लंबे समय से इन क्षेत्रों में चुनाव नहीं कराए गए हैं। चुनाव की मांग को लेकर यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा था। 14 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश दिया था कि चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन बिना वार्डबंदी के 15 दिनों में जारी किया जाए, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया। इस दौरान सरकारी छुट्टियां भी आ गई थीं। इसके बाद इसी मामले में अवमानना की याचिका दाखिल की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top