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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 8 लाख रुपये सालाना से कम आमदनी वाले परिवार के बच्चों को 3 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी पर 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग के बाद दी।

योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मेधावी छात्र आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि सरकारी और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों में योग्य छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

फायदा और प्रावधान
इस योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 से लागू होगी। 8 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के छात्र इस योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनकी उच्च शिक्षा की राह आसान होगी और वे बिना आर्थिक संकट के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।

एफसीआई को मिलेगी नई पूंजी
इसके अलावा, कैबिनेट ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को भी मजबूती देने का निर्णय लिया है। खाद्यान्न की खरीद में एफसीआई की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने एफसीआई को 10,700 करोड़ रुपये की नई इक्विटी पूंजी देने का फैसला किया है, जिससे खाद्यान्न की खरीद और वितरण प्रणाली को और भी सुदृढ़ किया जाएगा।

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