Headline
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे
किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

बदरीनाथ चढ़ावा विवाद- जांच समिति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर दान में अनियमितता और चोरी के आरोप लग रहे हैं, उन्हीं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समिति में शामिल करना न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। यह स्थिति “बिल्ली को ही दूध की रखवाली सौंपने” जैसी है।

गोदियाल ने कहा कि इस प्रकार गठित जांच समिति से निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें, ताकि आम जनता और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके। यदि सरकार इस पर सहमत नहीं है, तो जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करने का अवसर था, लेकिन जिस प्रकार केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, उसी तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायकों पर ही आरोप लग रहे हों और उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति का हिस्सा बनाया जाए, तो ऐसी जांच की विश्वसनीयता स्वतः समाप्त हो जाती है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी समिति की रिपोर्ट स्वीकार नहीं करेगी और इस मामले में स्वतंत्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की अपनी मांग पर कायम रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top