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झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात एनआईसीयू वार्ड में लगी भीषण आग में 10 नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हो गई। घटना में 47 बच्चों को बचा लिया गया, जबकि 16 अन्य घायल हैं। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के ‘एक्स’ हैंडल से ट्वीट कर लिखा गया, “यह हादसा अत्यंत हृदयविदारक है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।”

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने भी जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर लिखा, “झांसी की यह घटना हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त माता-पिता और परिजनों के साथ हैं। घायल शिशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।” मुख्यमंत्री योगी ने जिलाधिकारी को तत्काल राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कैसे हुआ हादसा?
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहौर ने बताया कि एनआईसीयू वार्ड में कुल 54 नवजात शिशु भर्ती थे। शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी, जो तेजी से फैल गई। फायर ब्रिगेड और अस्पताल कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई बच्चों की जान जा चुकी थी।

मृतकों और घायलों के लिए सहायता
मृतक बच्चों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि।
घायल बच्चों के परिवारों को 50,000 रुपये।
जांच के आदेश
झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस विभाग हादसे के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं।

यह घटना देशभर को झकझोरने वाली है और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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