Headline
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे
किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

कल्याणपुर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्राइम ब्रांच और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शादी कराने के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर (Fake Matrimonial Call Center) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से ‘ऑनलाइन मैच प्वाइंट’ नाम से चल रहे इस सेंटर से दो युवतियों समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया से डेटा चुराकर एआई (AI Generated) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी फर्जी तस्वीरें भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

 डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नेपाली मंदिर के पास चल रहे इस कॉल सेंटर से पुलिस ने 7 एंड्रॉइड फोन, 16 कीपैड मोबाइल, 9 डेस्कटॉप, 104 इस्तेमाल किए जा चुके सिम कार्ड और 2 नए सिम बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनुराधा द्विवेदी (आवास विकास-3), विक्रम खूंटे (छत्तीसगढ़/बर्रा-3) और प्रियंका (बिल्हौर/शिवली रोड) के रूप में हुई है। ये तीनों सोशल मीडिया के जरिए मिले थे और करीब एक साल से इस संगठित साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। ठगी की पूरी रकम मुख्य आरोपी अनुराधा के बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिन्हें पुलिस अब फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।

 पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के अविवाहित या विधुर पुरुषों को निशाना बनाता था। गिरोह में लड़कियों को ₹6,000 प्रति माह के वेतन पर टेलीकॉलर रखा जाता था, जो अलग-अलग नकली नामों से बात कर पीड़ितों को जाल में फंसाती थीं। पहले कीपैड फोन से बात कराकर विश्वास जीता जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन, टॉकिंग और मीटिंग फिक्स करने के नाम पर ₹4,000 से ₹10,000 के बीच की रकम क्यूआर (QR) कोड भेजकर ऐंठ ली जाती थी। पैसे मिलने के बाद आरोपी नंबर ब्लॉक कर देते थे। कम रकम होने और लोक-लाज के डर से अमूमन पीड़ित पुलिस में शिकायत नहीं करते थे।

 इस गिरोह के तार एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। जून महीने में भी पुलिस ने ऐसे ही तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारकर छत्तीसगढ़ के सरगना रंजीत कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कानपुर की जागृति, बिलासपुर के साइबर अधिवक्ता अमित और करन पटेल भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी जागृति का उन्नाव में भी कॉल सेंटर है और उसकी वर्तमान लोकेशन गोवा में मिली है, जबकि वकील अमित की लोकेशन आगरा में ट्रैक हुई है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top