Headline
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
पर्यटन सीजन में खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, होटल-रेस्तरां से अधिक नमूने लेने के निर्देश
27 जुलाई से शुरू होगा “डिजिटल यूथ फेस्टिवल” राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत युवाओं को मिलेगा फिटनेस, संस्कृति एवं डिजिटल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच
ऑरेंज अलर्ट के बीच सरकार अलर्ट मोड में, ग्रामीण सड़कें जल्द खोलने के निर्देश
कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का किया सम्मान
पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन, उत्तराखंड की राजनीति में शोक की लहर
नैनीताल में उद्योग मित्र बैठक: सीडीओ ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत का एक्शन, भूमि विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक कई मामलों में दिए तत्काल निर्देश
दून पुलिस ने वाहन चोरी का किया खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार

20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

पलक्कड़। केरल के चर्चित नेनमारा दोहरे हत्याकांड में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनाते हुए फांसी का आदेश दिया है। अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभतम) श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 61 वर्षीय छेंटामारा को अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। यह सनसनीखेज वारदात 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के निकट पोथुंडी क्षेत्र में हुई थी।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने का दोष सिद्ध माना। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि एक ही परिवार के दो लोगों की निर्मम हत्या किए जाने के कारण यह मामला ‘दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है, इसलिए दोषी को मृत्युदंड दिया जाना उचित है।

जांच के अनुसार, आरोपी इससे पहले वर्ष 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीता की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका था। उस मामले में जमानत पर रिहा होने के कुछ समय बाद उसने कथित रूप से सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस ने विशेष तलाशी अभियान चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

बताया गया कि सजीता हत्याकांड में आरोपी को पहले ही दोहरे आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। वहीं, दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 81 गवाहों के बयान और 28 भौतिक साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top