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कानपुर (बिधनू): सेन पश्चिम पारा पुलिस ने बीते 19 जून को स्वर्ण जयंती विहार सेक्टर-7 में एक बंद मकान में हुई बड़ी चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी के जेवर, एक लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कूटर और अवैध तमंचा बरामद हुआ है।

थानाप्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंशू पासी बेहद महंगे शौक रखता है। वह महंगी शराब पीने का आदी है और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद अपनी प्रेमिका (गर्लफ्रेंड) को मौज-मस्ती के लिए गोवा लेकर जाता था। पूछताछ में सामने आया है कि वह अब तक अपनी प्रेमिका को पांच बार गोवा की सैर करा चुका है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, 19 जून को स्वर्ण जयंती विहार निवासी हेमलता वर्मा के बंद मकान का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी और जेवर साफ कर दिए थे। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने इलाके के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक लाल-काले रंग के स्कूटर पर दो संदिग्ध युवक नजर आए। ‘यक्ष एप’ की मदद से इनकी पहचान गुजैनी मायापुरम निवासी अंशू पासी और बर्रा के हिमांशु गौतम के रूप में हुई। पुलिस ने घेराबंदी कर गुरुवार रात अंशू को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अंशू ने कुबूल किया कि वह अपने साथियों (हिंमाशु, सागर राजपूत और गोल्डी) के साथ मिलकर पहले बंद मकानों की रेकी करता था और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देता था।

डीसीपी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी अंशू का पूरा परिवार ही अपराध की दुनिया में शामिल है और इन्हें ‘टक्कल गैंग’ के नाम से जाना जाता है:

बड़ा भाई (गोपाल टक्कल): चोरी के मामले में जमानत पर बाहर है।

दूसरा भाई (विशाल): चकेरी में 70 लाख की चोरी के मामले में जेल में है।

तीसरा भाई (अंशू): वर्तमान में गिरफ्तार किया गया।

चौथा भाई (आकाश): जिसकी मौत हो चुकी है।

पांचवां भाई (नाबालिग): चोरी के ही एक मामले में इटावा के बाल सुधार गृह में बंद है।

पुलिस ने अंशू के पास से 632 ग्राम चांदी के जेवर, ₹1 लाख कैश, स्कूटर और कारतूस बरामद किए हैं। गैंग के बाकी तीन फरार सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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