Headline
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील

मुख्यमंत्री ने विजिटर पंजी में लिखा अद्भुत दृश्य मंत्रीगण के साथ आना इतिहास बना
पर्यटन की दृष्टि से नए केलेवर में रानी दुर्गावती से जुड़े स्थल विकसित होंगे
मुख्यमंत्री ने सिंगौरगढ़ किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण कर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

M.P  :    वीरांगना रानी दुर्गावती की  500वीं जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के जबेरा तहसील स्थित सिंगौरगढ़ के किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के इतिहास पर केन्द्रित पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगणों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के इतिहास और शौर्य से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने हाथी दरवाजा पर विजिटर पंजी में लिखा कि अद्भुत दृश्य, ऐतिहासिक किला, रानी दुर्गावती  और अन्य पुरातत्व महत्व के स्थानों पर आकर खासकर मंत्रीगणों के साथ आना अत्यंत आनंददायक रहा। इतिहास बना। रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी। मंत्रीगणों द्वारा भी शुभकामनाएं लिखी गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। कई योजनाएं भी रानी दुर्गावती के नाम पर संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थल पर प्रदेश और देश से लोग आएं तथा रानी दुर्गावती के गौरवान्वित करने वाले इतिहास से अवगत हो। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रीगणों को बधाई दी और कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को नए केलेवर में विकसित किया जाएगा।

किले की उम्र कई सौ साल होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। किले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ दूरी पर सिंगौरगढ़ जलाशय है यहां आज भी बारह महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से और प्रसिद्धि अब भी चहुंओर फैली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top