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मुख्यमंत्री ने विजिटर पंजी में लिखा अद्भुत दृश्य मंत्रीगण के साथ आना इतिहास बना
पर्यटन की दृष्टि से नए केलेवर में रानी दुर्गावती से जुड़े स्थल विकसित होंगे
मुख्यमंत्री ने सिंगौरगढ़ किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण कर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

M.P  :    वीरांगना रानी दुर्गावती की  500वीं जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के जबेरा तहसील स्थित सिंगौरगढ़ के किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के इतिहास पर केन्द्रित पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगणों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के इतिहास और शौर्य से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने हाथी दरवाजा पर विजिटर पंजी में लिखा कि अद्भुत दृश्य, ऐतिहासिक किला, रानी दुर्गावती  और अन्य पुरातत्व महत्व के स्थानों पर आकर खासकर मंत्रीगणों के साथ आना अत्यंत आनंददायक रहा। इतिहास बना। रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी। मंत्रीगणों द्वारा भी शुभकामनाएं लिखी गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। कई योजनाएं भी रानी दुर्गावती के नाम पर संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थल पर प्रदेश और देश से लोग आएं तथा रानी दुर्गावती के गौरवान्वित करने वाले इतिहास से अवगत हो। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रीगणों को बधाई दी और कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को नए केलेवर में विकसित किया जाएगा।

किले की उम्र कई सौ साल होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। किले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ दूरी पर सिंगौरगढ़ जलाशय है यहां आज भी बारह महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से और प्रसिद्धि अब भी चहुंओर फैली है।

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