Headline
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील

हिन्दी में 29 व रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर किये तैनात

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा, शिक्षकों की नियुक्ति से पठन-पाठन की गुणवत्ता में होगा सुधार

देहरादून। सूबे के उच्च शिक्षा विभाग में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 55 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दे दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 और रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। इनमें से 46 नवनियुक्त प्रोफेसरों को पर्वतीय एवं दुर्गम महाविद्यालयों में प्रथम नियुक्ति दी गई है जबकि रसायन विज्ञान के 11 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पर्वतीय क्षेत्र के महाविद्यालयों में रिक्त पद न होने के चलते उच्च शिक्षा निदेशालय, हल्द्वानी में तैनानी दी गई है। इनकी नियुक्ति से दूरस्थ क्षेत्रों के महाविद्यालयों में जहां स्थाई शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

राज्य सरकार द्वारा राजकीय महाविद्यालयों में ढ़ांचागत सुविधाओं के साथ ही लगातार रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है। इसी कड़ी में राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 55 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रथम तैनाती दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 व रसायन विज्ञान में 26 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। इन सभी नवनियुक्ति असिस्टेंट प्रोफेसरों को दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्र के महाविद्यालयों में तैनाती दी गई है, हालांकि रसायन विज्ञान के 11 असिस्टेंट प्रोफेसर को पर्वतीय क्षेत्र के महाविद्यालयों में पद रिक्त न होने पर उच्च शिक्षा निदेशालय में तैनाती दी है, इन असिस्टेंट प्रोफसरों को कुछ समय उपरांत पद रिक्त होने पर पर्वतीय महाविद्यालयों में तैनात किया जायेगा। हिन्दी विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर में शिवानी कर्नाटक को पीजी कॉलेज बेरीनाग में प्रथम तैनाती दी गई है।

इसी प्रकार पंकज पाण्डेय व कपिल को पीजी कॉलेज कपकोट, सपना को राजकीय महाविद्यालय पाटी, ममता को गंगोलीहाट, प्रियंका यादव को गुरूड़, चन्द्रकांत तिवारी को बलुवाकोट, खेमकरण को तलवाड़ी, सुमन को पीजी कॉलेज जयहरीखाल, हरीश को स्याल्दे, चंचल गोस्वामी व चन्द्रावती जोशी को पीजी कॉलेज टिहरी, पूनम मियान को गणाई गंगोली, संजीता देवी को पतलोट, हेमंती को कांडा, नीना शर्मा को कमांद, रीता आर्य व रीतु को मुनस्यारी, अंकित कुमार सिंह को मजरा महादेव, प्रीती शाह को चौखुटिया, भारती नौटियाल को थत्यूड, मीना को देवाल, धर्मेन्द्र और जूली को थलीसैंण, भारती नौटियाल को लम्बगांव, भागीरथी राणा को मोरी, नरेश लाल को मानिला, मनोज कुमार आर्य को नारायण नगर और सूरज कुमार को राजकीय महाविद्यालय नन्दासैण चमोली में प्रथम तैनाती दी गई है।

इसी प्रकार रसायन विज्ञान में देवकी नंदन व पंकज कुमार को पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में प्रथम तैनाती दी गई है। जबकि गरीश सिंह बिष्ट को उत्तरकाशी, संजय दत्त को अगस्तमुनि, जोगेन्द्र कुमार को गोपेश्वर, वैशाली सिंह को पुरोला, लीलावती नित्वाल बड़कोट, महेश कुमार मानिला, किरण चौहान को नागनाथ पोखरी, पिंकी को बलुवाकोट, कुलदीप सिंह को स्याल्दे, अंशु टम्टा को अगरोडा धारमंडल, पूजा को बेदीखाली, गीता सैनी को टिहरी तथा नवीन चन्द्र को राजकीय महाविद्यालय चकराता में प्रथम तैनाती दी गई। जबकि नरेन्द्र सिंह, कमल आर्य, गरीमा टम्टा, राजेश कुमार, गम्भीर सिंह, कुंदन प्रसाद, रीना, प्रवीण कुमार, मोनिका, नीरज कुमार और निधी शर्मा को उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी में तैनाती दी गई है। जिन्हें पद रिक्त होने पर पर्वतीय महाविद्यालयों में भेजा जायेगा। नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से जहां महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं शैक्षणिक गतिविधियों में भी सुधार होगा। इसके साथ ही इनकी नियुक्ति से महाविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग में भी सुधार देखने को मिलेंगे।

दुर्गम क्षेत्रों के महाविद्यालयों में 55 और असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती कर दी गई है। जिसमें हिन्दी विषय में 29 तथा रसायन विज्ञान में 26 सहायक प्राध्यापक शामिल है। राजकीय महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकताओं में है ताकि प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।– डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top