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लखनऊ – उत्तर प्रदेश सरकार भोजन में थूकने या अन्य मानवीय अपशिष्ट मिलाने पर रोक लगाने के लिए दो कड़े अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। ये अध्यादेश “छद्म एवं सौहार्द विरोधी क्रियाकलाप निवारण” और “थूकना प्रतिषेध अध्यादेश” के तहत लागू किए जाएंगे। मंगलवार (15 अक्टूबर) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें इन अध्यादेशों पर चर्चा की गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान का कर्मचारी अवैध विदेशी नागरिक पाया जाता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य में भोजनालयों के मालिकों और प्रबंधकों के लिए अपने नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश जारी करने के एक महीने बाद आया है।

हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में रस, दाल, और रोटी जैसे खाद्य पदार्थों में मानवीय अपशिष्ट और गंदे पदार्थ मिलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जो आम जनता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं। इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए सरकार कड़े कानून बनाने का फैसला कर रही है।

 

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