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कर्नाटक के उडुपी जिले के उप्पुंडा से एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की खबर सामने आई है, जहां स्थानीय पानी की टंकी से दूषित पानी पीने के बाद एक हजार से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बेचैनी और शरीर में कंपकंपी की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीमार लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है, और अधिकतर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में उचित उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं।

दूषित पानी पीने से लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों में से ज्यादातर बिंदूर तालुक के उप्पुंडा ग्राम पंचायत के करकी कल्ली और मदिकल वार्ड के निवासी हैं, जिन्होंने उल्टी और दस्त जैसे लक्षण बताए। अधिकारी ने आगे बताया कि कई घरों में एक जैसे लक्षण दिखे और दूषित पानी पीने के बाद तीन या उससे अधिक लोग बीमार पड़े।

खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि
उडुपी के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. पी. गदाध ने बताया कि दोनों वार्डों में आपूर्ति किए जाने वाले पानी में ‘जलजनित रोगाणु साल्मोनेला बैसिलरी’ के स्वरूप पाए गए हैं। उन्होंने कहा, “हमने 30 सितंबर को दोनों गांवों और उसी जल स्रोत का इस्तेमाल करने वाले आस-पास के गांवों में इस स्थिति की जांच करने के लिए एक टीम भेजी थी। जांच के दौरान 56 मामलों में इस बैक्टीरिया के स्वरूप मिले थे। अब तक, हमें लगभग 150 मामले मिले हैं।”

जल आपूर्ति में रुकावट और समस्या के समाधान की मांग
ग्राम पंचायत सदस्यों के अनुसार, इस घटना से पहले तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हुई थी। बाद में गांवों में गंदा पानी आया, और जिन लोगों ने इसे पीने से पहले फ़िल्टर किया या उबाल कर पिया, उनमें कोई लक्षण नहीं दिखे। गदाध ने कहा, “हम लोग खराब जल की आपूर्ति के कारणों की पड़ताल कर रहे हैं।”

स्थानीय निवासियों ने पानी के दूषित होने के लिए पानी की टंकी के खराब रखरखाव को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों ने बताया कि पानी की आपूर्ति को रोक दी गई है, और ग्रामीणों ने घटना की जांच और समस्या के समाधान के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की है।

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