Headline
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे
किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

देहरादून। केदारनाथ विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के बीच विपक्ष द्वारा दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाए जाने के पुराने मामले को दिए जा रहे तूल का जवाब स्वयं तीर्थ पुरोहितों ने दिया है। श्री केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कड़ा कानून बनाया जिसके लिए वे सदैव उनके आभारी रहेंगे।

केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम के नाम से दिल्ली में कुछ समय पूर्व जो केदारनाथ ट्रस्ट बना था। उस मामले में तब तीर्थ पुरोहितों की मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी जिसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले में कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जिसके बाद चारधामों के नाम से देश मे कहीं भी मंदिर नहीं बनाने को लेकर कड़ा कानून बनाया गया, जिसके लिए समस्त तीर्थ पुरोहित मुख्यमंत्री के आभारी हैं।

आचार्य संजय प्रसाद ने कहा कि दिल्ली में केदारनाथ नाम से मंदिर बनाये जाने का कोई मामला वर्तमान में है ही नहीं और केवल चुनाव के माहौल में राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह मामला संज्ञान में आने पर कड़ा कानून बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कर केवल सरकार को बदनाम करने का कुलशित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। लोगों को चाहिए कि वे इन बातों से भ्रमित न हों और स्वतंत्र होकर मतदान करें।

आचार्य विनोद शुक्ला ने कहा कि केदारनाथ धाम का मंदिर दिल्ली में बनाये जाने को लेकर केवल झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने तभी इस मामले में कार्रवाई करते हुए इस मामले में कठोर कानून बनाया है। यह झूठ फैलाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री दिल्ली में शिला लेकर गए जबकि ऐसा कभी कुछ हुआ ही नहीं। उन्होंने कहा कि यह सरासर झूठ है और उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री केदारनाथ धाम के विकास के लिए सदैव सेवारत हैं।

तीर्थ पुरोहित अंकित सेमवाल ने मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि 31 जुलाई को आई आपदा के दौरान बाबा केदार के अनन्य भक्त मुख्यमंत्री धामी द्वारा त्वरित रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया गया और तत्काल यात्रा को सुचारू भी कराया गया। इसके अलावा भी मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में केदारघाटी के विकास के लिए कई कार्य कराए जा रहे हैं, जिसके लिए वे सभी उनके आभारी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top