Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड पशुधन विकास परिषद की गवर्निंग बॉडी की बैठक

प्रदेश में 1804 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र

देहरादून। अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड पशुधन विकास परिषद की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने बोर्ड की वार्षिक प्रगति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को छोटे किसानों के साथ ही बड़े किसानों को भी इस क्षेत्र में प्रोत्साहित किए जाने की बात कही ताकि किसानों का व्यावसायिक दृष्टिकोण विकसित हो और योजना के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गौ एवं महिष वंशीय पशुओं में मात्रात्मक एवं गुणात्मक आनुवंशिक सुधार लाए जाने हेतु समग्र दृष्टिकोण अपनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों में गर्भधारण दर को बढ़ाए जाने एवं उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्र के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पशुओं में उत्पादकता बढ़ाए जाने हेतु नस्लवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वदेशी नस्लों को संरक्षण देने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में किसानों की प्रतिभागिता सुनिश्चित किए जाने हेतु हाईब्रिड मॉडल को अपनाया जा सकता है, ताकि किसानों की आय में भी बढ़ोत्तरी हो और स्वदेशी नस्लें भी संरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी नस्लों को संरक्षित करने के लिए भी परिणाम आधारित कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने एनएलएम उद्यमिता विकास कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु अधिक से अधिक किसानों को प्रोत्साहित किए जाने की बात भी कही।

बैठक के दौरान बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 1804 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र हैं। बताया गया कि प्रदेश के 6 जनपदों (अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी, टिहरी एवं उत्तरकाशी) में बद्री गाय संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी संचालन किया जा रहा है, जिसमें मैत्री, एआई रिफ्रेशर, पशु सखी, बकरी पालन, एवं ए हेल्प कार्यक्रम शामिल हैं।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top