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प्रशासन ने बिना किसी जांच के जल्दबाजी में की कार्रवाई- प्रियंका गांधी वाड्रा

चार लोगों की मौत, 20 सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोग घायल 

उत्तर प्रदेश। संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के काम के दौरान हुई हिंसा पर कांग्रेस महासचिव और वायनाड से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बिना किसी जांच या दोनों पक्षों को विश्वास में लिए जल्दबाजी में कार्रवाई की।

प्रियंका गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “संभल, उत्तर प्रदेश में अचानक उठे विवाद को लेकर राज्य सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इतने संवेदनशील मामले में बिना दूसरा पक्ष सुने, बिना दोनों पक्षों को विश्वास में लिए प्रशासन ने जिस तरह ​हड़बड़ी के साथ कार्रवाई की, वह दिखाता है कि सरकार ने खुद माहौल खराब किया। प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया और कर्तव्य का पालन भी जरूरी नहीं समझा। सत्ता में बैठकर भेदभाव, अत्याचार और फूट फैलाने का प्रयास करना न जनता के हित में है, न देश के हित में। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेकर न्याय करना चाहिए। प्रदेश की जनता से मेरी अपील है कि हर हाल में शांति बनाएं रखें।”

बता दें कि रविवार को संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। इस हिंसा के बाद प्रशासन ने 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने आगामी 30 नवंबर तक जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। बयान में कहा गया है कि अब किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को जिले में दाखिल होने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

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