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बारामती: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के पहले, एनसीपी (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत देते हुए कहा है कि वह भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। पवार ने कहा, “मैं 14 चुनाव लड़ चुका हूं। कहीं तो रुकना पड़ेगा। अब नई पीढ़ी को आगे आना चाहिए।” उनके इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

शरद पवार का बयान
शरद पवार ने आगे कहा, “मैं अभी राज्यसभा में हूं। मेरे कार्यकाल में 1.5 साल बाकी हैं। कार्यकाल पूरा होने के बाद मुझे सोचना होगा कि मैं आगे राज्यसभा जाऊं या नहीं। लोकसभा चुनाव तो अब मैं नहीं लड़ूंगा। मुझे अब सत्ता नहीं चाहिए, मुझे समाज के लिए काम करना चाहिए।” पवार ने यह भी कहा कि बारामती को नए नेतृत्व की आवश्यकता है, और इस सीट पर उन्होंने अपने पोते युगेंद्र पवार को चुनावी मैदान में उतारा है। युगेंद्र का मुकाबला उनके चाचा अजित पवार से होगा। युगेंद्र पवार, अजीत पवार के छोटे भाई श्रीनिवास के बेटे हैं, और शरद पवार ने उन्हें भविष्य का नेता बताया है।

बयान के मायने
शरद पवार के इस बयान को कुछ लोग राजनीति से रिटायरमेंट का संकेत मान रहे हैं। अजीत पवार कई बार शरद पवार की उम्र और रिटायरमेंट का मुद्दा उठा चुके हैं। वहीं, कुछ अन्य इसे शरद पवार का इमोशनल कार्ड मानते हैं, जिसके माध्यम से वह जनता से अपने पक्ष में वोट देने की भावुक अपील कर रहे हैं। 84 साल की उम्र में भी शरद पवार काफी सक्रिय हैं। उनका राजनीतिक सफर 1967 में शुरू हुआ, और वे 4 बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 1999 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी का गठन किया था। हालांकि पिछले साल उनके भतीजे अजीत पवार ने पार्टी को तोड़ दिया था, फिर भी लोकसभा चुनाव में 8 सीटें जीतकर शरद पवार की पार्टी ने अपनी ताकत साबित की है।

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