Headline
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ
केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
लोक गीतों की धुनों के बीच सीएम आवास में निखरे होली के रंग, होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार’
मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास के साथआयोजित हुआ होली मिलन समारोह
सीएम धामी ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां जनता ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान की मां नन्दा राजजात यात्रा मार्गो पर अवस्थापना सुविधाओं केे विकास हेतु ₹ 3.08 करोड की धनराशि

देहरादून। कैंट रोड के चौड़ीकरण में अब एक भी पेड़ नहीं कटेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेड़ काटे जाने के मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना पेड़ काटे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाए। लोक निर्माण विभाग और वन विभाग ने पहले चरण में दिलाराम चौक से विजय कालोनी तक 200 पेड़ चिह्नित किए हैं। राजधानी में कुछ मार्गों के चौड़ीकरण में लगातार पेड़ काटे जाते रहे हैं। पूर्व में मार्ग चौड़ीकरण में सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से सहस्त्रधारा तक मार्ग के चौड़ीकरण में सैकड़ों पेड़ काट दिए गए थे। स्थानीय नागरिकों ने पेड़ों को काटे जाने का विरोध किया था। अब दिलाराम चौक से कैंट तक मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है।

वन विभाग और पीडब्ल्यूडी के अफसरों की संयुक्त टीम मार्ग के चौड़ीकरण के लिए स्थलीय निरीक्षण कर चुकी है। विभाग काटे जाने वाले पेड़ों पर निशान भी लगा चुका है। कुछ पर्यावरणविद् और राजनीतिक दल सोशल मीडिया में पिछले कुछ दिनों से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में पेड़ों से मौसम सुहावना बना रहता है। उन्होंने पेड़ काटे जाने के विरोध में रविवार को प्रदर्शन का एलान भी किया है। मामला संज्ञान में आने पर सीएम धामी ने अफसरों को पेड़ न काटने के निर्देश दिए। राजधानी में दिलाराम चौक से कैंट तक मार्ग का चौड़ीकरण होना है। पहले चरण में दिलाराम चौक से विजय कालोनी तक सर्वे हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में विजय कालोनी से कैंट तक का सर्वे होना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top