Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

देहरादून :

  • होली हमारी समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक – मुख्यमंत्री
  • दियूरी, खटीमा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल, दियूरी खटीमा में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली एवं थारू होली गायन में जनसमूह के साथ सहभागिता करते हुए रंगोत्सव की खुशियों को साझा किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के मूल आधार हैं। होली रंगों और उल्लास का त्योहार है, जो अपनों के साथ ही पूर्णता पाता है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि खटीमा उनका घर है और यहां के लोग उनका परिवार हैं। अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जब बुजुर्ग उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं तो वह क्षण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली मिलन जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव की जीवंत मिसाल है और इसे ‘मिनी इंडिया’ के रूप में जाना जाता है। यहां सभी धर्मों एवं समुदायों के लोग प्रेम, सौहार्द और एकजुटता के साथ रहते हुए सभी पर्वों को मिलजुल कर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हम सभी मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ एक-दूसरे को गले लगाकर होली का पर्व मनाएं तथा संकल्प लें कि खटीमा को और बेहतर एवं आदर्श क्षेत्र बनाने हेतु निरंतर प्रयास करेंगे।
आयोजन समिति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को आत्मीयता से साझा किया तथा सभी को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, दान सिंह रावत, सतीश भट्ट, डॉ. नवीन भट्ट, जीवन धामी, जिला पंचायत सदस्य रीना कफलिया, सूरज धामी, किशन ज्याला, जीवन कार्की, मीनाक्षी ज्याला, संतोष चंद, चरणजीत राणा, माया जोशी, बबीता चंद, सचिन रस्तोगी, शेर सिंह सामंत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top