Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

संपर्क और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय सहयोग की जरूरत – विदेश मंत्री एस. जयशंकर 

पश्चिम एशिया अब भारत का एक विस्तारित पड़ोसी बन चुका है – विदेश मंत्री

नई दिल्ली/अबू धाबी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘रायसीना मध्य पूर्व’ (पश्चिम एशिया) कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लिए पश्चिम एशिया क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भारत का खाड़ी देशों के साथ व्यापार करीब 160 से 180 डॉलर के बीच है। उन्होंने कहा, हमारी खाड़ी में बहुत व्यापक और अहम मौजूदगी है। यहां 90 लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं और रहते हैं। इसके अलावा, खाड़ी देशों से भारत का संपर्क पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका और भूमध्य सागर तक फैला हुआ है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया को एक महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में देखता है, जो उसे दुनिया के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत और पश्चिम एशिया के बीच व्यापार, संपर्क और लोगों के आपसी संबंधों में तेजी से विस्तार हुआ है।

विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि भारत का भूमध्य सागरीय देशों के साथ सालाना व्यापार करीब 80 अरब डॉलर है और यहां करीब पांच लाख प्रवासी भारतीय रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेल, हरित हाइड्रोजन, इस्पात आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा, भारत और पश्चिम एशिया के प्रयासों को अफ्रीका और यूरोप तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संपर्क और समुद्री सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया अब भारत का एक विस्तारित पड़ोसी बन चुका है और नई दिल्ली को इस क्षेत्र के साथ अपनी साझेदारी को और गहरा करना होगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश से भी मुलाकात की और दोनों देशों की विशेष साझेदारी पर चर्चा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top