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हमारा उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
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वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज

नई दिल्ली: देशभर में मानसून की बारिश के बीच जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मौसम में सामान्य जूते-चप्पल जल्दी खराब हो जाते हैं। खासकर चमड़े और कपड़े के जूते पानी में भीगने से बदबू, फंगस और नुकसान का शिकार हो सकते हैं।

ऐसे में विशेषज्ञ बारिश के मौसम में वाटरप्रूफ या वॉटर-रेजिस्टेंट मानसून फुटवियर पहनने की सलाह देते हैं। रबर सैंडल, वाटरप्रूफ चप्पल, स्लिप-रेजिस्टेंट सैंडल और हल्के मानसून शूज बारिश में बेहतर विकल्प माने जाते हैं। इनकी अच्छी ग्रिप फिसलन से बचाती है और ये जल्दी सूख भी जाते हैं।

मानसून फुटवियर का इस्तेमाल करने से रोजाना पहनने वाले जूतों की उम्र भी बढ़ती है। खरीदारी के समय केवल डिजाइन नहीं, बल्कि मटेरियल, साइज, आराम और ग्रिप पर भी ध्यान देना चाहिए। सही फुटवियर न सिर्फ पैरों को सुरक्षित रखता है, बल्कि बारिश में सफर को भी अधिक आरामदायक बनाता है।

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