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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। हवा में बढ़ते प्रदूषकों के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में परेशान हो रहे हैं। सुबह की सैर पर निकले एक व्यक्ति ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण से गले में खराश की समस्या हो रही है। लोग एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चेक करके बाहर निकलते हैं और AQI के 200 के आस-पास होने पर ही सैर करने जाते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, प्रदूषण की स्थिति कुछ सुधरती है।

हरियाणा-पंजाब में पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के पीछे हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। लोग इस स्थिति से निपटने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और सफाई पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य और केंद्र सरकार को प्रदूषण रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यमुना नदी की बिगड़ती स्थिति पर भी लोगों ने चिंता जताई है और इसकी सफाई के लिए नियमित कदम उठाने की मांग की है।

दिल्ली में AQI 400 से ऊपर
दिल्ली के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है। नेहरू नगर में AQI 431, आनंद विहार में 424, और रोहिणी में 402 तक पहुंच गया है। दिल्ली के 30 इलाकों में AQI स्तर 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। कई अन्य क्षेत्रों में AQI का स्तर 200 से 300 के बीच है।

राजस्थान में दिन का तापमान सामान्य से अधिक
राजस्थान के कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। जैसलमेर, जालोर, गंगानगर, फलोदी, और कोटा जैसे शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है।

 

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