Headline
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील

उत्तराखंड में नये साल पर अलर्ट मोड़ पर रहेंगे सभी मेडिकल यूनिट

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एसओपी

लापरवाही होने पर संबधित मेडिकल कॉलेज के एमएस या प्राचार्य की जवाबदेही होगी

देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने नये साल के जश्न के दौरान सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड़ पर रहने के आदेश दिये हैं। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने सभी राजकीय मेडिकल कालेजों और सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिये हैं कि आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन को और अधिक दुरस्त किया जाएं। आपातकालीन प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। सभी अस्पतालों से इस गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि नये साल और शीतकालीन चारधाम यात्रा के दौरान सभी अस्पतालों को इमरजेंसी मैनेजमेंट की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर राजकीय मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों की एक बैैठक हुई। इस बैठक में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर मंथन हुआ।

इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज देहरादून सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ इमरजेंसी मैनेजमेंट को लेकर विचार विमर्श किया गया। आपातकालीन प्रबंधन के तहत ट्राईएज के तहत मरीजों की तेजी से जांच की जाती है। इसके अलावा क्लीनिक प्रोटोकॉल, डाक्युमेंटेशन और क्वालिटी एसोयरेंस को लेकर भी गाइडलाइन बनाई गयी हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को 10 मिनट के अंदर इलाज मिलना सुनिश्चित किया जायेगा।

इस संबध में लापरवाही होने पर संबधित मेडिकल कॉलेज के एमएस या प्राचार्य की जवाबदेही होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top