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नई दिल्ली। शादी के सीजन से पहले बढ़ती खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सोने की कीमत में 700 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह बुधवार को नई ऊंचाई 91,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। मंगलवार को यह 91,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले स्थानीय सर्राफा कारोबारियों की ओर से की गई खरीदारी की गई है। वहीं मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिका की आर्थिक सुस्ती की आशंका भी इसकी वजह है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में बुधवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 3000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी रहीं। मामले में मनीष मोदी, सीनियर एनालिस्ट, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अन्य वित्तीय संपत्तियों को लेकर सतर्क हैं, जिससे सोने की मांग लगातार बढ़ रही है।’

पिछले 210 दिनों में सोने की कीमतें 2,500 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 3,000 डॉलर प्रति औंस हो गई हैं। आमतौर पर, सोने की कीमत में इतनी बढ़ोतरी होने में लगभग 1,700 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार तेजी से उछाल देखने को मिला है। विश्व गोल्ड काउंसिल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया, ‘सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में कटौती और कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण सोने में निवेश जारी रहेगा।’

शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण अमीर निवेशक फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में निवेश कर रहे हैं। साल 2025 में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोग सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।

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