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आय से अधिक संपत्ति मामले में 2 जनवरी को नैनीताल हाईकोर्ट में होगी गामा के खिलाफ सुनवाई

गामा ने मेयर पद का किया दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति बटोरी, भाजपा की कथनी और करनी में अंतर

देहरादून नगर निगम मोहल्ला स्वच्छता समितियों में भी हुआ था करोड़ो का घोटाला

देहरादून। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए आज देहरादून नगर निगम के मेयर पद के लिए उम्मीदवारों की घोषणा हो सकती हैं। भाजपा से मेयर पद के लिए सुनील उनियाल गामा को एक बार फिर से सशक्त दावेदार माना जा रहा है। पार्टी का एक गुट उनकी दावेदारी का विरोध कर रहा है। इस बीच आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी ने भाजपा हाईकमान से मांग की है कि गामा को टिकट न दिया जाएं। उन्होंने कहा कि गामा ने मेयर पद का दुरुपयोग किया है और उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में 2 जनवरी को सुनवाई होनी है।

एडवोकेट विकेश नेगी के अनुसार मेयर पद पर रहते हुए गामा ने अथाह संपत्ति बटोरी है। यह सपत्ति गामा और उनके परिजनों के नाम से है। आरटीआई एक्टिविस्ट नेगी ने खुलासा किया था कि मेयर पद पर रहते हुए गामा की संपत्ति 10 गुणा बढ़ गयी। मेयर बनने के बाद सुनील उनियाल गामा ने 11 संपत्तियां खरीदी जिसका बाजार मूल्य 20 करोड़ है। इसके अलावा दरबार से उन्हें तीन संपत्तियां लीज पर भी मिली हैं। यह सीधे पद का दुरुपयोग है। जबकि 2018 में जब वह मेयर पद के दावेदार बने तो उन्होंने शपथ पत्र में अपनी संपत्ति महज दो करोड़ बतायी थी।

एडवोकेट नेगी ने गामा के आय से अधिक संपत्ति के मामले की शिकायत विजिलेंस से की। विजिलेंस ने जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो विकेश इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंच गये। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 2 जनवरी को होगी। एडवोकेट नेगी ने बताया कि मोहल्ला स्वच्छता समितियों का पैसा सीधे पर्यावरण मित्रों के खाते में जाने की बजाए मोहल्ला स्वच्छता समितियों के एकाउंट में जाना भी एक बड़ा घोटाला है। इसमें 86 करोड़ का गड़बड़झाला है। तत्कालीन डीएम सोनिका ने इस मामले की जांच करवाई तो 100 कर्मचारी नदारद पाये गये। अहम बात यह थी कि इसमें वित्त कमेटी की सहमति नहीं ली गयी थी और मेयर गामा ने ही समितियों को वित्त की स्वीकृति प्रदान की।

एडवोकेट नेगी का कहना है कि भाजपा एक ओर दावा करती है कि भ्रष्टाचारियों को नहीं बर्दाश्त करेगी तो दूसरी ओर भ्रष्टाचारियों को प्रश्रय देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा गामा को मेयर पद के लिए दोबरा दावेदार बनाती है तो जनता के बीच यही संदेश जाएगा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने भाजपा से मांग की है कि गामा को दोबारा मेयर पद का टिकट न दें।

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