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नई दिल्ली: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सोमवार को नई दिल्ली में “ई-श्रम – वन स्टॉप सॉल्यूशन” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, मंत्रालय के सचिव और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

डॉ. मंडाविया ने इस अवसर पर ई-श्रम पोर्टल की सफलता पर जोर देते हुए बताया कि हर दिन लगभग 60,000 से 90,000 श्रमिक इस प्लेटफार्म से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “ई-श्रम – वन स्टॉप सॉल्यूशन असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक आसान और निर्बाध पहुंच प्रदान करेगा।”

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य असंगठित श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है, जिससे वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि ई-श्रम प्लेटफार्म एक सेतु के रूप में कार्य करेगा, जो श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से जोड़ेगा और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

डॉ. मंडाविया ने सभी असंगठित श्रमिकों से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया ताकि वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि यह पहल श्रमिकों की आजीविका को सुधारने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने राज्य सरकारों के पोर्टल को ई-श्रम के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि राज्य और जिला स्तर पर संभावित लाभार्थियों की पहचान की जा सके और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके।

वन स्टॉप सॉल्यूशन में वन नेशन, वन राशन कार्ड, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन जैसी प्रमुख योजनाओं को ई-श्रम के साथ जोड़ा गया है और अन्य योजनाओं का एकीकरण जारी है। श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने बताया कि ई-श्रम वन स्टॉप सॉल्यूशन के माध्यम से असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तक सुगम और निर्बाध पहुंच मिलेगी।

ई-श्रम पोर्टल को 26 अगस्त 2021 को लॉन्च किया गया था, और अब तक 30 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने इस पर अपना पंजीकरण करा लिया है, जो सरकार के श्रमिक कल्याण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

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