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रांची। पटाखों के जलाने को लेकर पॉल्यूशन के चलते कई राज्यों में सख्त गाइडलाइंस लागू की गई हैं। दिल्ली में दिवाली पर पटाखे जलाने पर पूरी तरह से रोक है, जबकि कई अन्य राज्यों में केवल ग्रीन पटाखों के जलाने की अनुमति दी गई है। इसी क्रम में, झारखंड सरकार ने दिवाली, छठ और गुरु पर्व के अवसर पर आतिशबाजी के लिए समय सीमा निर्धारित की है।

समय की सीमा
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली, छठ पूजा और गुरु पर्व पर केवल 2 घंटे आतिशबाजी की इजाजत दी है। वहीं, क्रिसमस और नववर्ष पर सिर्फ 35 मिनट का समय तय किया गया है।

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार:

दीपावली: रात 8 बजे से 10 बजे तक
छठ पूजा: सुबह 6 बजे से 8 बजे तक
गुरु पर्व: रात 8 बजे से 10 बजे तक
क्रिसमस एवं नववर्ष: 31 दिसंबर की रात 11 बजकर 55 मिनट से 12:30 बजे तक

हाईकोर्ट की सख्ती
झारखंड हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान रांची में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती से रोक लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने वालों के नाम गोपनीय रखे जाएं।

पटाखों के लिए मापदंड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत आतिशबाजी के लिए मापदंड निर्धारित किए हैं। झारखंड के उन शहरों में जहां वायु गुणवत्ता संतोषप्रद है, वहां निर्धारित समय पर ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी।

दिशा-निर्देश के मुताबिक, राज्य में 125 डेसिबल से कम क्षमता वाले पटाखों की बिक्री की जा सकेगी। साइलेंट जोन में 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी और पटाखे जलाने पर रोक रहेगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वायु प्रदूषण निवारण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा गया है।

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