Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

राज्य के लगभग 550 विशेषज्ञ डाक्टरों को मिलेगा सेवा लाभ

देहरादून। प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को नये साल का तोहफा दिया है। सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को सेवा लाभ देते हुए उनके सेवानिवृत्त की आयु सीमा बढ़ा दी है। विशेषज्ञ डाक्टर अब 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। पहले यह आयु सीमा 60 वर्ष थी। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि आयु सीमा में वृद्धि किये जाने से प्रदेश के 550 विशेषज्ञ डाक्टरों को लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी दूर हो सकेगी और सुदूर ग्रामीणों को भी विशेषज्ञ डाक्टरों का लाभ मिल सकेगा।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। ऐसे में सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को पांच साल की सेवावृद्धि देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सेवा लाभ केवल उन विशेषज्ञ डाक्टरों को मिलेगा जो अस्पतालों में मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक को प्रशासनिक पद एवं वित्तीय दायित्वों का प्रभार नहीं दिया जायेगा, एवं उनकी तैनाती मुख्य परामर्शदाता के रूप में ढांचे के तहत उनकी विधा के उपलब्ध रिक्त पदों पर की जायेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे चिकित्सा अधिकारियों को अग्रेत्तर पदोन्नति प्रदान नहीं की जायेगी। चिकित्सक को वेतन वृद्धि एवं अन्य सेवा लाभ, सेवा के दौरान एवं सेवानिवृत्ति पर राजकीय कार्मिकों की भांति ही नियमानुसार अनुमन्य होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top