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शैक्षणिक संस्थानों में किया अवकाश घोषित 

जिलों में बनाए गए 2,229 राहत शिविर 

समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद

नई दिल्ली। देशभर में एक ओर जहां ठंड पैर पसार रही है। वहीं, दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में बना एक डिप्रेशन फेंगल नामक चक्रवाती तूफान का रूप लेने जा रहा है। कहा जा रहा कि बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान फेंगल शनिवार दोपहर पुडुचेरी के पास तट से टकरा सकता है। हालांकि, इससे पहले ही फेंगल के असर से मौसम बदलने लगा है। इसके कारण समुद्री तट पर उथल-पुथल साफ तौर पर देखने को मिल रही है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक फेंगल के असर के कारण हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।

तमिलनाडु सरकार ने 30 नवंबर को घर से बाहर नहीं निकलने का आग्रह किया है। शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। आईटी कंपनियों से अपने कर्मचारियों से घर से ही काम लेने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर के बाद तट के करीब ईस्ट कोस्ट रोड और ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर सार्वजनिक परिवहन निलंबित कर दिया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में 2,229 राहत शिविर बनाए गए हैं। अब तक, 164 परिवारों के कुल 471 लोगों को तिरुवरूर और नागपट्टिनम जिलों के छह राहत केंद्रों में रखा गया है।

तमिलनाडु सरकार ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद करीब चार हजार नावें समुद्र से वापस लौट आई हैं। जिलों में नावें, जनरेटर, मोटर पंप और अन्य सभी आवश्यक मशीनरी और उपकरण तैयार हैं। निजी कंपनियों से उनके कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहने को कहा गया है। साथ ही समुद्र तट के नजदीकी सड़कों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। जरूरत के हिसाब से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

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