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घर-घर कूड़ा शुल्क संग्रहण से 63 लाख की उपलब्धि, महिलाओं की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी

देहरादून निगम के 100 में से 57 वार्डो में महिला समूह को सौंपी गई कमान

समयबद्व शुल्क संग्रहण से बढ़ा राजस्व, व्यवस्था में आया सुधार- आयुक्त नमामि बंसल

देहरादून। राजधानी देहरादून में स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभिनव पहल ने सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। नगर निगम देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से संचालित घर-घर कूड़ा संग्रहण शुल्क अभियान ने न केवल सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

नगर निगम ने शहर के 100 वार्डों में से 57 वार्डों में कूड़ा शुल्क संग्रहण की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। इन समूहों द्वारा त्रैमासिक (प्रत्येक तीन माह) आधार पर घर-घर जाकर निर्धारित शुल्क का संग्रहण किया जा रहा है। अभियान के प्रारंभिक चरण में ही जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान 63 लाख रुपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई है।

इस पहल की विशेषता यह है कि कुल प्राप्त मुनाफे का 25 प्रतिशत भाग सीधे संबंधित महिला समूहों को प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिला है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी और व्यवस्थित है, बल्कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली में भी सुधार आया है।

महिला समूहों द्वारा शुल्क संग्रहण के साथ-साथ नागरिकों से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाया जा रहा है। इस समन्वित प्रयास से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

वार्ड संख्या 64, नेहरूग्राम की समूह सदस्य सीमा बिष्ट ने इस पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं नगर निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके जैसी अनेक महिलाओं को रोजगार का सशक्त अवसर प्राप्त हुआ है।

नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से संबद्ध महिला समूहों को कूड़ा उठान शुल्क संग्रहण का दायित्व सौंपा गया है। समूहों द्वारा निर्धारित समय में प्रभावी शुल्क संग्रहण कर निगम को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे राजस्व में वृद्धि के साथ कार्य प्रणाली में भी सुधार हुआ है।

सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि त्रैमासिक प्रणाली के तहत तीन माह का शुल्क एकमुश्त संग्रहित किया जा रहा है। अब तक 63 लाख रुपये की प्राप्ति हो चुकी है, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि महिला समूहों को प्रदान की जाएगी।

यह अभिनव मॉडल स्वच्छता, पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने न केवल देहरादून को अधिक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त आधार भी प्रदान किया है।

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