Headline
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण

उत्तराखंड / टनकपुर  :

  • माघ खिचड़ी भोज में मुख्यमंत्री धामी, खड़ी होली की धुनों पर झूम उठा टनकपुर

टनकपुर स्थित शारदा घाट में आयोजित पारंपरिक माघ खिचड़ी भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग कर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया तथा स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर माघ खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं के साथ कुमाऊँ की प्राचीन लोक परंपरा “खड़ी होली” में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में घेरा बनाकर खड़े होकर कुमाऊँनी लोकगीत गाए, जिनमें मुख्यमंत्री ने भी स्वर मिलाया।

ढोल-दमाऊँ और लोकधुनों की मधुर लय पर पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत हो उठा। टनकपुर की गलियों में गूंजती खड़ी होली ने कुमाऊँ की जीवंत लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मास श्रद्धा, सादगी, संयम और समरसता का प्रतीक है। खिचड़ी भोज जैसी परंपराएँ समाज को एक सूत्र में बांधती हैं, वहीं खड़ी होली जैसी लोक विधाएँ हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएँ सामाजिक एकता को सुदृढ़ करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top