Headline
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
मुख्यमंत्री ने किसान-केंद्रित मोबाइल एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने वन-क्लिक के माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों को जारी की अगस्त माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा से मिले सीएम धामी, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी का विकास प्राधिकरणों को सख्त निर्देश—लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में तेजी लाएं, हर कार्य की तय हो समय-सीमा

उत्तराखंड / टनकपुर  :

  • माघ खिचड़ी भोज में मुख्यमंत्री धामी, खड़ी होली की धुनों पर झूम उठा टनकपुर

टनकपुर स्थित शारदा घाट में आयोजित पारंपरिक माघ खिचड़ी भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग कर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया तथा स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकर माघ खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं के साथ कुमाऊँ की प्राचीन लोक परंपरा “खड़ी होली” में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में घेरा बनाकर खड़े होकर कुमाऊँनी लोकगीत गाए, जिनमें मुख्यमंत्री ने भी स्वर मिलाया।

ढोल-दमाऊँ और लोकधुनों की मधुर लय पर पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत हो उठा। टनकपुर की गलियों में गूंजती खड़ी होली ने कुमाऊँ की जीवंत लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मास श्रद्धा, सादगी, संयम और समरसता का प्रतीक है। खिचड़ी भोज जैसी परंपराएँ समाज को एक सूत्र में बांधती हैं, वहीं खड़ी होली जैसी लोक विधाएँ हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराएँ सामाजिक एकता को सुदृढ़ करती हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top