Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सख्त रुख अपनाते हुए बांग्लादेश सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई और हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर रोक लगाने की अपील की है।

आरएसएस का कड़ा रुख
आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक बयान में कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले, हत्या, लूट, आगजनी और महिलाओं पर अमानवीय अत्याचार बेहद चिंताजनक हैं। यह घटनाएं बांग्लादेश के हिंदुओं को खत्म करने का प्रयास लगती हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसकी कड़ी निंदा करता है।”

होसबोले ने आगे कहा कि बांग्लादेश सरकार और अन्य एजेंसियां इन हमलों को रोकने के बजाय मूकदर्शक बनी हुई हैं।

चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग
आरएसएस ने बांग्लादेश के इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण करार दिया। दास को हाल ही में ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। वह चटगांव जा रहे थे। होसबोले ने कहा,

“शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले हिंदुओं का नेतृत्व कर रहे चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार करना बांग्लादेश सरकार का अन्याय है। उन्हें तुरंत जेल से रिहा किया जाए।”

भारत सरकार और वैश्विक समुदाय से अपील
आरएसएस महासचिव ने भारत सरकार से बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के प्रयास जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा,

“भारत, वैश्विक समुदाय और अन्य संस्थानों को बांग्लादेश के पीड़ित हिंदुओं के साथ खड़ा होना चाहिए। यह वैश्विक शांति और भाईचारे के लिए आवश्यक है।”

बांग्लादेश में बढ़ते हमले
बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदू समुदाय पर इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले बढ़े हैं। इनमें हत्याएं, लूट, आगजनी, और महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं शामिल हैं। चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी ने इन घटनाओं को और विवादित बना दिया है।

आरएसएस का संदेश
आरएसएस ने साफ कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार तत्काल बंद होना चाहिए और चिन्मय कृष्ण दास को बिना शर्त रिहा किया जाए। उन्होंने इस मुद्दे पर भारत और वैश्विक समुदाय से सक्रिय कदम उठाने की मांग की।

“बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रहे हमले न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह सभ्यता और शांति के लिए खतरा हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top