Headline
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल समेत तमाम दिग्गजों ने शहीद मेजर को दी श्रद्धांजलि
देहरादून। शहीद मेजर प्रणय नेगी का पार्थिव शरीर उनके घर भनियाववाला पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। इस दौरान सैकड़ों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से दी शहीद मेजर को श्रद्धांजलि। शहीद मेजर प्रणय नेगी का पार्थिव शरीर हरिद्वार ले जाया गया। देहरादून जिले के भानियावाला के संगतियावाला गांव निवासी एक मेजर लेह में हाई एटीट्यूड पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। मेजर के शहीद होने की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया।

18 आर्टिलरी बटालियन में तैनात सुदर्शन नेगी के बेटे मेजर प्रणव नेगी (36) लेह में ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह सेना मुख्यालय से मेजर प्रणव के परिजनों को सूचना मिली कि स्वास्थ्य खराब होने से वह शहीद हो गए हैं। मेजर के शहीद होने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मेजर के रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने शहीद मेजर के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। शहीद मेजर तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। तीन साल पहले ही मेजर की शादी हुई थी। उनका डेढ़ साल का एक बेटा है।

चाचा नरेंद्र नेगी के मुताबिक, लेह में हाई एटीट्यूड में तैनाती के दौरान ऑक्सीजन की कमी से स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेजर शहीद हो गए थे। प्रणव नेगी 2013 में आईएमए से पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बने थे। वो मूल रूप से थाती डांगर गांव कीर्तिनगर टिहरी के रहने वाले थे। मेजर प्रणव के दादा भी फौज में थे, जबकि पिता ने होटल लाइन में नौकरी कर तीनों बच्चों को मसूरी के प्रतिष्ठित स्कूलों से शिक्षा दिलाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top