Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

इंटरनेशनल नंबर से कॉल कर डार्क वेब और कानूनी कार्रवाई का डर दिखा कर उड़ा रहे हैं लोगों की जमा-पूंजी

साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की कमाई को एक झटके में चुराने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट’ अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने के बावजूद ठगों ने धोखाधड़ी का एक नया तरीका खोज निकाला है, जिसके बारे में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसमें इंटरनेशनल नंबर से एक कॉल आती है, जिसमें रिसीव करते ही एक ऑटोमैटिक वॉयस मैसेज शुरू हो जाता है।

ऑटो वॉयस मैसेज में कहा जाता है, “आपके लिए साइबर अपराध विभाग से एक महत्वपूर्ण सूचना है। आपके पर्सनल क्रेडेंशियल्स का लगातार डार्क वेब पर उपयोग किया जा रहा है। यदि आप दो घंटे के भीतर रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो हम आपके खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करेंगे।”

कैसे होती है ठगी?
इस ऑटोमैटिक वॉयस मैसेज के बाद रिसीवर को अधिक जानकारी के लिए कीपैड पर 9 दबाने को कहा जाता है। जैसे ही रिसीवर 9 दबाता है, कॉल साइबर ठग से कनेक्ट हो जाती है। ठग साइबर अपराध विभाग का अधिकारी बनकर बैंक अकाउंट की जानकारी, आधार नंबर या अन्य निजी डेटा मांगता है। डार्क वेब और कानूनी कार्रवाई जैसे भारी शब्दों से लोग डर में आकर अपनी गोपनीय जानकारी ठगों को दे देते हैं।

कैसे बचें ठगी का शिकार होने से?
इस तरह की कॉल्स ज्यादातर अजीबो-गरीब इंटरनेशनल नंबरों से आती हैं। ठगी से बचने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि ऐसे नंबरों से आई कॉल को नजरअंदाज करें। यदि कॉल रिसीव कर ली है, तो कीपैड पर कोई भी नंबर न दबाएं। यह ध्यान रखें कि कोई भी बैंक या जांच एजेंसी फोन कर के गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। ऐसे ठगों से सावधान रहें, इन नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें और साइबर क्राइम में रिपोर्ट भी दर्ज कराएं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top