Headline
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 10.08 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर CSC द्वारा प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन, प्रधानमंत्री कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया योगाभ्यास।
मोदीपुरम (मेरठ) से लक्ष्मणझूला (ऋषिकेश) तक नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर का सपना अब साकार होने की ओर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ
घर पर अनुपस्थित मतदाताओं के सत्यापन के लिए BLA को साथ लेकर जाएं BLO- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

नई दिल्ली। पिछले कई दशकों से इंजीनियरिंग भारतीय छात्रों का ड्रीम करियर रहा है। आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग की डिग्री लेना सुरक्षित भविष्य और स्टेटस सिंबल माना जाता है। पर अब हालात बदल रहे हैं।

टीमलीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में आईआईटी के केवल 60 फीसदी ग्रेजुएट्स को ही प्लेसमेंट मिल पाई है, और कई छात्रों को 3-4 लाख रुपये का ही पैकेज मिला है। एनआईटी में भी 60 फीसदी से कम छात्रों को नौकरी मिल पाई है। रिपोर्ट बताती है कि 2024 में देशभर में 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स पास आउट होंगे, लेकिन इनमें से सिर्फ 10% को ही नौकरी मिलेगी।

रोजगार में गिरावट का कारण
टीमलीज के सीईओ एआर रमेश का कहना है कि इंजीनियरिंग छात्रों को नौकरी न मिलने के कई कारण हैं, जैसे रोजगार दर, इंडस्ट्री की मांग और स्किल गैप। 15 लाख में से केवल 60 फीसदी ही सक्रिय रूप से नौकरी खोजते हैं और सिर्फ 45 फीसदी इंडस्ट्री के मानकों को पूरा कर पाते हैं। इनमें से भी 25-30 फीसदी छात्रों के पास एआई जैसी नई तकनीक की स्किल नहीं होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कॉलेज और इंडस्ट्री के बीच लंबे समय तक समझौते हों, तो छात्रों के कौशल और इंडस्ट्री की मांग में आए अंतर को पूरा किया जा सकता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top