Headline
’‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ’
’उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव’
आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी – किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिलान्यास
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
जनता मिलन कार्यक्रम में डीएम ने सुनीं जनशिकायतें, अधिकांश मामलों का मौके पर हुआ समाधान
वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारण : महाराज
सभी सरकारी विश्वविद्यालय अपने 5 वर्ष का प्लान करें तैयार- मुख्य सचिव

दिल्ली।  24 अक्टूबर जंतर मंतर में बालाकृष्णा गुरु स्वामी के नेतृत्व में 800 किमी की गौ रक्षा महा पदयात्रा कश्मीर से दिल्ली पहुंच सैकड़ों गौभक्तों से गाय की राष्ट्र माता घोषित करने के लिए शांतिपूर्ण धरना किया। लेकिन धरने से पहले 23 अक्टूबर को बालाकृष्णा गुरु स्वामी और जयपाल नयाल सनातनी अन्य गौ भक्तो का एक प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री अमित शाह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। बालाकृष्णा गुरु स्वामी ने बताया किसान हमारे देश की रीढ़ की हड्डी है और देशी गायें किसानों की रीढ़ की हड्डी हैं। किसान फसलें उगाने के लिए गाय के गोबर, गोमूत्र और बैल की शक्ति का उपयोग करते हैं जो मानव स्वास्थ्य और मिट्टी के लिए वरदान है।

जब तक हम अपनी मिट्टी को गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राप्त जिवाणुओं से समृद्ध नहीं करेंगे, हमारी मिट्टी बंजर बनी रहेगी और हमारे भोजन में पोषक तत्व मौजूद नहीं रहेंगे, लोग ऐसे भोजन का सेवन कर रहे हैं जिसमें हानिकारक रसायन होते हैं। जिसके कारण उन्हें कम उम्र में ही बीमारियाँ हो रही हैं और अस्पतालों में बहुत पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दुनिया भर में सभी धर्मों और जातियों के लोग बेहतर स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली स्वच्छ पर्यावरण, जैविक कृषि और टिकाऊ जीबन शैली के लिए गायों पर निर्भर हैं और गौ के संरक्षण से जुड़ी हुई है। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाय को उनके जीबन के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।

इस पदयात्रा का उद्देश्य देसी गौ वंश के बारे में जागरूकता पैदा करना है। साथ ही राजनीतिकदलों, सभी धर्मों और जातियों के लोगों से इस प्रयास में समर्थन करने की अपील कर रहे है। ताकि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने के लिए संसद में एक कानून लाकर मांग को पूरा किया जा सके, जिसका वध नहीं किया जा सकता है या क्रॉस ब्रीडिंग नहीं की जा सकती है। और गाय आधारित कृषि और गाय उत्पादों का उपयोग हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top