Headline
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को लेकर राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ
हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री
श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं : महाराज
महाराज ने मौके पर ही किया जन समस्याओं का निस्तारण, श्रम विभाग द्वारा आयोजित श्रमिक पंजीकरण एवं नवीनीकरण शिविर में किया प्रतिभाग
डीएम ने ईवीएम-वीवीपैट की सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश
देहरादून में गूंजा गोर्खाली संस्कृति का रंग, सीएम धामी बोले- सरकारी स्तर पर और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ में किया प्रतिभाग, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत
बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून-हल्द्वानी में कई मदरसे सील

दिल्ली।  24 अक्टूबर जंतर मंतर में बालाकृष्णा गुरु स्वामी के नेतृत्व में 800 किमी की गौ रक्षा महा पदयात्रा कश्मीर से दिल्ली पहुंच सैकड़ों गौभक्तों से गाय की राष्ट्र माता घोषित करने के लिए शांतिपूर्ण धरना किया। लेकिन धरने से पहले 23 अक्टूबर को बालाकृष्णा गुरु स्वामी और जयपाल नयाल सनातनी अन्य गौ भक्तो का एक प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री अमित शाह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। बालाकृष्णा गुरु स्वामी ने बताया किसान हमारे देश की रीढ़ की हड्डी है और देशी गायें किसानों की रीढ़ की हड्डी हैं। किसान फसलें उगाने के लिए गाय के गोबर, गोमूत्र और बैल की शक्ति का उपयोग करते हैं जो मानव स्वास्थ्य और मिट्टी के लिए वरदान है।

जब तक हम अपनी मिट्टी को गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राप्त जिवाणुओं से समृद्ध नहीं करेंगे, हमारी मिट्टी बंजर बनी रहेगी और हमारे भोजन में पोषक तत्व मौजूद नहीं रहेंगे, लोग ऐसे भोजन का सेवन कर रहे हैं जिसमें हानिकारक रसायन होते हैं। जिसके कारण उन्हें कम उम्र में ही बीमारियाँ हो रही हैं और अस्पतालों में बहुत पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दुनिया भर में सभी धर्मों और जातियों के लोग बेहतर स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली स्वच्छ पर्यावरण, जैविक कृषि और टिकाऊ जीबन शैली के लिए गायों पर निर्भर हैं और गौ के संरक्षण से जुड़ी हुई है। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाय को उनके जीबन के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।

इस पदयात्रा का उद्देश्य देसी गौ वंश के बारे में जागरूकता पैदा करना है। साथ ही राजनीतिकदलों, सभी धर्मों और जातियों के लोगों से इस प्रयास में समर्थन करने की अपील कर रहे है। ताकि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने के लिए संसद में एक कानून लाकर मांग को पूरा किया जा सके, जिसका वध नहीं किया जा सकता है या क्रॉस ब्रीडिंग नहीं की जा सकती है। और गाय आधारित कृषि और गाय उत्पादों का उपयोग हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top