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दिल्ली।  24 अक्टूबर जंतर मंतर में बालाकृष्णा गुरु स्वामी के नेतृत्व में 800 किमी की गौ रक्षा महा पदयात्रा कश्मीर से दिल्ली पहुंच सैकड़ों गौभक्तों से गाय की राष्ट्र माता घोषित करने के लिए शांतिपूर्ण धरना किया। लेकिन धरने से पहले 23 अक्टूबर को बालाकृष्णा गुरु स्वामी और जयपाल नयाल सनातनी अन्य गौ भक्तो का एक प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री अमित शाह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। बालाकृष्णा गुरु स्वामी ने बताया किसान हमारे देश की रीढ़ की हड्डी है और देशी गायें किसानों की रीढ़ की हड्डी हैं। किसान फसलें उगाने के लिए गाय के गोबर, गोमूत्र और बैल की शक्ति का उपयोग करते हैं जो मानव स्वास्थ्य और मिट्टी के लिए वरदान है।

जब तक हम अपनी मिट्टी को गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राप्त जिवाणुओं से समृद्ध नहीं करेंगे, हमारी मिट्टी बंजर बनी रहेगी और हमारे भोजन में पोषक तत्व मौजूद नहीं रहेंगे, लोग ऐसे भोजन का सेवन कर रहे हैं जिसमें हानिकारक रसायन होते हैं। जिसके कारण उन्हें कम उम्र में ही बीमारियाँ हो रही हैं और अस्पतालों में बहुत पैसा खर्च करना पड़ रहा है। दुनिया भर में सभी धर्मों और जातियों के लोग बेहतर स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली स्वच्छ पर्यावरण, जैविक कृषि और टिकाऊ जीबन शैली के लिए गायों पर निर्भर हैं और गौ के संरक्षण से जुड़ी हुई है। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाय को उनके जीबन के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।

इस पदयात्रा का उद्देश्य देसी गौ वंश के बारे में जागरूकता पैदा करना है। साथ ही राजनीतिकदलों, सभी धर्मों और जातियों के लोगों से इस प्रयास में समर्थन करने की अपील कर रहे है। ताकि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने के लिए संसद में एक कानून लाकर मांग को पूरा किया जा सके, जिसका वध नहीं किया जा सकता है या क्रॉस ब्रीडिंग नहीं की जा सकती है। और गाय आधारित कृषि और गाय उत्पादों का उपयोग हो।

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