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हाथरस। काले जादू का अंधविश्वास एक बार फिर समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के हाथरस के सहपऊ थाना क्षेत्र में 11 साल के बच्चे की काले जादू के नाम पर बलि दी गई। यह घटना डीएल पब्लिक स्कूल की है, जहां दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की तंत्र-मंत्र के चक्कर में हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में स्कूल के तीन शिक्षकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मृतक बच्चे के पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि 23 सितंबर की रात उन्हें स्कूल प्रबंधक का फोन आया कि उनके बेटे की तबीयत खराब है और उसे आगरा के अस्पताल ले जाया जा रहा है। कुछ समय बाद, फोन पर जानकारी दी गई कि उनके बेटे की रास्ते में ही मौत हो गई है। जब कृष्ण कुमार ने अपने बेटे का शव देखा, तो उस पर गला घोंटने के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्चे की मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई।

पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि स्कूल प्रबंधक दिनेश बघेल के पिता जशोधन सिंह तंत्र-मंत्र करते थे, और स्कूल की तरक्की के लिए छात्र की बलि दी गई। इस मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है, और लोग अंधविश्वास के चलते होने वाली इस प्रकार की घटनाओं से आक्रोशित हैं।

NCRB रिपोर्ट में चिंताजनक आंकड़े
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में 85 लोगों की मौत जादू टोने से हो गई, जबकि 2021 में यह संख्या 68 थी। 2013 से 2022 के बीच काले जादू के कारण कुल 1064 लोगों की जान गई है। ऐसी घटनाएं लगातार समाज के लिए खतरा बनी हुई हैं, और सरकार व प्रशासन को इस ओर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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