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झारखण्ड में पंचायतों का कार्यकाल छह माह बढ़ाने और राजस्थान के “एक राज्य-एक चुनाव” की घोषणा का भी करें अध्ययन

देहरादून। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और महामहिम राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली कमेटी की “एक देश-एक चुनाव” की सिफारिश का हवाला देते हुए मुख्य सचिव को पंचायत चुनाव में इस व्यवस्थाओं को लागू किये जाने के संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, संस्कृति एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और महामहिम राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली कमेटी की “एक देश-एक चुनाव” की सिफारिश का हवाला देते हुए मुख्य सचिव को पंचायत चुनाव में इस व्यवस्थाओं को लागू किये जाने के संबंध में इसकी संभावनाओं को तलाशने के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में हुई प्रगति के आधार पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को लिखित निर्देश देते हुए कहा है कि कुछ राज्य सरकारों ने अपने यहां “एक राज्य-एक चुनाव” की घोषणा के तहत इस प्रकार की व्यवस्था की है।

प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में जनपद हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जनपदों का त्रिस्तरीय पंचायत का चुनाव 2024-25 में किया जाना प्रस्तावित है। राज्य में वर्ष 2019 में गठित त्रिस्तरीय पंचायत के कार्यकाल में कोविड-19 महामारी के कारण 2 वर्ष तक विकास कार्य अवरुद्ध रहे। इस दौरान पंचायतों की बैठकें तक नहीं हो पाई इसके दृष्टिगत महामारी के इन दो वर्ष के कार्यकाल को पंचायत के 5 वर्ष के कार्यकाल के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। इसलिए जन प्रतिनिधियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए और इन तमाम बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए त्रिस्तरीय पंचायत का चुनाव 2024-25 में ना कराकर, जनपद हरिद्वार के साथ वर्ष 2027 में कराये जाने चाहिए।

पंचायतीराज मंत्री महाराज ने मुख्य सचिव से कहा है कि कोविड काल में झारखण्ड सरकार ने पंचायतों का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ाया था वहीं दूसरी ओर राजस्थान ने “एक राज्य-एक चुनाव” की भी घोषणा की है। इसलिए इन राज्यों से जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ उसका गहराई से अध्ययन करते हुए इस दिशा में हमारे यहां किसी प्रकार की व्यवस्था हो सकती है इस पर कार्य किया जाना चाहिए।

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