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नई दिल्ली। भारत के लिए एक राहत की खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने रूसी सेना में भर्ती हुए भारतीयों का मुद्दा उठाने के बाद रूस ने भारतीय नागरिकों को छुट्टी देने और उनकी वापसी की सुविधा देने का फैसला किया है.

जब से रूस-यूक्रेन युद्ध छिड़ा है, भारत रूसी सेना में कार्यरत अपने नागरिकों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए रूस पर दबाव डाल रहा है और युद्ध क्षेत्र में भारतीयों के बारे में जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 200 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में सुरक्षा सहायक के तौर पर भर्ती किया गया था.

उम्मीद की जा रही थी कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष में दो लोगों की मौत के बाद भर्ती हुए भारतीयों के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएगा और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग करेगा. भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के लिए धोखा दिया गया. गौरतलब है कि जून में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में रूसी सेना में भर्ती हुए दो भारतीय नागरिक मारे गए थे. भारत ने रूसी सेना में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई और वापसी का मामला उठाया है.

एस जयशंकर ने कहा था, ‘कई भारतीयों को रूसी सेना की सेवाओं में लगाया गया है, जब वे वापस आएंगे तभी हमें पूरी परिस्थितियों का पता चलेगा. लेकिन, जो भी परिस्थितियां हैं, हमारे लिए यह अस्वीकार्य है कि भारतीय नागरिक खुद को किसी अन्य देश की सेना में पाते हैं.’

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