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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए लोकसभा सीट का चुनाव मुश्किल काम होता जा रहा है। वे पिछली बार दो सीटों से लड़े थे, जिसमें अमेठी से हार गए थे और केरल की वायनाड सीट से जीते थे। इस बार भी वे वायनाड सीट से नामांकन करेंगे तो घर बैठे चुनाव जीतेंगे। लेकिन उनके सामने एक नैतिक बाधा खड़ी हो गई है। सीपीआई के महासचिव डी राजा की पत्नी ऐनी राजा को सीपीआई ने उस सीट से उम्मीदवार बना दिया है। राजा के साथ राहुल के बहुत अच्छे संबंध हैं। अगर वहां दोनों आमने सामने होते हैं तो उसका असर देश के दूसरे हिस्सों में भी देखने को मिलेगा। सीपीआई के नेताओं ने कांग्रेस के ऊपर दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है कि राहुल को वायनाड से नहीं लडऩा चाहिए।

राहुल के साथ दूसरी मुश्किल यह है कि उत्तर प्रदेश में परिवार की पारंपरिक सीटों- अमेठी और रायबरेली में लड़ाई लगातार मुश्किल होती जा रही है। पिछली बार वे अमेठी से हारे थे और सोनिया गांधी रायबरेली से जीत गई थीं। लेकिन इस बार सोनिया गांधी को चुनाव नहीं लडऩा है। कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से लड़ सकती हैं।

लेकिन दूसरी ओर भाजपा ने इन दोनों सीटों को लेकर बड़ी तैयारी की है। इन दोनों लोकसभा सीटों के तहत आने वाली विधानसभा सीटों से जीते समाजवादी पार्टी के विधायकों को भाजपा ने तोड़ दिया है। अमेठी की अदिति सिंह पहले ही भाजपा में चली गईं थीं और अब ऊंचाहार के मनोज पांडेय भी भाजपा में जा रहे हैं। आसपास के सभी ठाकुर और ब्राह्मण विधायक भाजपा के साथ हो गए हैं। इसलिए दोनों में से कोई लोकसभा सीट सुरक्षित नहीं है। तभी राहुल के लिए वायनाड छोडऩा बहुत आसान नहीं होगा।

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