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लखनऊ: कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई अमानवीय घटना के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इस संदर्भ में विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत उप मुख्यमंत्री ने अस्पतालों के प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के स्टाफ की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में अक्सर ऐसे लोग पाए जाते हैं, जिनका कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं होता, लेकिन वे केवल रात को आराम करने के लिए अस्पताल में रुक जाते हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि अस्पताल के परिसर में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार की हिंसा होती है, तो अस्पताल के इंचार्ज या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि वे बिना किसी डर के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

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