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चमोली। बद्रीनाथ धाम के कपाट आज यानि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं की श्रृंखला के अंतर्गत माता लक्ष्मी मंदिर में विशेष अनुष्ठानों के साथ कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रीति के अनुसार माता लक्ष्मी को शीतकालीन अवधि में बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।

धाम में बीते एक सप्ताह से पंच पूजाओं का क्रम जारी था, जिसमें गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट बंद होने के साथ ही वेद ऋचाओं का वाचन भी विराम में चला गया। सोमवार को आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।

मंगलवार को कपाट बंद होने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब दस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कपाट बंद होने के समय धाम में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।

कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी, आगामी छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी, जबकि मुख्य मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थल पर स्थानांतरित हो जाएंगी।

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