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चारधाम यात्रा 2026 को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का ऐतिहासिक पहल , ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंग
’मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की दी शुभकामनाएं’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग की मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल करने खुद मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
“युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत” – सीएम धामी

हिन्दूवादी संगठनों के उत्तरकाशी में आयोजित महापंचायत में पहुंचे टी राजा ने लैंड जेहाद, लव जेहाद और थूक जेहाद पर मुख्यमंत्री के एक्शन को बताया ऐतिहासिक

रिकॉर्ड समय में देवभूमि को 5000 एकड़ से भी ज्यादा अतिक्रमण मुक्त करने पर धाकड़ धामी बने पूरे देश के लिए मिसाल- टी राजा

देहरादून। उत्तरकाशी में मस्जिद बनाए जाने का ताजा मामला भले ही अब सुर्खियों में आया हो लेकिन धामी सरकार पहले से ही लैंड जेहाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। पुष्कर सिंह धाम के कड़े निर्देश पर प्रदेशभर में धार्मिक स्थलों की आड़ में जमीनों पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को एक अभियान चलाकर घ्वस्त किया गया। अब तक 5000 एकड़ से ज्यादा भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवाई जा चुकी है। इन जमीनों पर हरी, नीली और पीली चादर चढ़ाकर अतिक्रमण किया गया था। इतना ही नहीं धामी सरकार ने देवभूमि में धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून बनाकर लव जेहाद करने वालों के मनसूबों पर भी पानी फेरा है। थूक जेहाद के खिलाफ धामी का एक्शन भी देशभर में सुर्खियों में रहा। रविवार को हिन्दू संगठनों की महापंचायत में उत्तरकाशी पहुंचे हिस्सा लेने के लिए बीजेपी के फायर ब्रांड नेता टी राजा ने भी लैंड जेहाद, लव जेहाद और थकू जेहाद के खिलाफ की गई धामी सरकार की कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की है। इस सम्बंध में उन्होंने बाकायदा ट़विट किया है।

उत्तराखंड में वर्ष 2023 में लैंड जिहाद को लेकर व्यापक अभियान छेड़ा गया था। वन भूमि पर बनी मजारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए जमीनों को मुक्त कराया गया। लैंड जिहाद के नाम पर वन भूमि और सरकारी भूमि पर बनी मजारों और मस्जिदों को हटा कर जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। हालांकि, कई स्थानों पर सरकारी तंत्र को विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन सीएम धामी के सख्त आदेश के चलते सरकारी जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराने में पूरा अमला जुटा रहा। इस दौरान 5000 एकड़ से भी अधिक सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। यह अभियान अभी भी बदस्तूर जारी है। इसके साथ ही धर्मांतरण को लेकर भी सीएम धामी ने सख्त कानून बना कर इसका सख्ती से पालन करवाने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। प्रदेश में किसी तरह का दंगा न हो, कोई आगजनी की घटना न हो, सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचाए इसको देखते हुए दंगारोधी कानून भी बना दिया गया है।

जिहादियों के लिए खौफ बने सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में अतिक्रमण और लैंड जिहाद के खिलाफ जो अभियान शुरू किया है, वह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि पूरे देश में एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। उनकी सख्त और निर्णायक नीतियों ने उन्हें ‘धर्मरक्षक’ के रूप में पहचान दिलाई है, जो अब केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में गूंज रही है। देवभूमि उत्तराखंड धर्म, संस्कृति, और आध्यात्मिकता का केंद्र है। यहां की पवित्र भूमि पर अतिक्रमण और लैंड जिहाद जैसे कृत्यों ने प्रदेश की गरिमा को चुनौती दी थी। जब मुख्यमंत्री धामी ने तीन वर्ष पूर्व प्रदेश की बागडोर संभाली, तब से उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा

सीएम धामी की दबंग छवि और उनके सख्त फैसलों ने उन्हें केवल उत्तराखंड में ही नहीं, बल्कि देशभर में एक आदर्श नेता के रूप में स्थापित किया है। उनके कार्यों से प्रेरित होकर अन्य राज्य भी लैंड जिहाद और अवैध अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर सख्त कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। यह उनकी कड़ी नीतियों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें अब पूरे देश में धर्मरक्षक मुख्यमंत्री के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। सीएम धामी ने अपने निर्णयों से यह सुनिश्चित किया है कि धर्म, संस्कृति, और प्रदेश की अस्मिता की रक्षा केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य भी है। उनकी नीतियां न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य का आधार तैयार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी देवभूमि की पवित्रता को संरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

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