Headline
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण
देहरादून के नकरौंदा स्थित होटल/होमस्टे में आबकारी विभाग की छापेमारी, शराब की बड़ी खेप बरामद
10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
मुख्यमंत्री ने 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 और नागरिक संशोधन नियम, 2024 पर रोक लगाने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 8 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को तय की। दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से नागरिक संशोधन नियम, 2024 पर रोक लगाने का आग्रह किया था, हालांकि, कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया। केंद्र ने CAA पर रोक लगाने की मांग करने वाले आवेदनों पर जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है।

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उन्हें 20 आवेदनों पर जवाब देने के लिए कुछ समय चाहिए। मेहता ने पीठ से कहा, CAA किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनता है। पीठ में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। सीजेआई ने कहा कि एसजी बयान देने को तैयार नहीं हैं और इसलिए कार्यवाही 9 अप्रैल को सूचीबद्ध की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अनुरोध किया कि इस बीच कोई नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए। एसजी ने नागरिकता देने के संबंध में कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top