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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल के बयान पर शरणार्थी भड़क गए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को दावा किया था कि सीएए से कानून-व्यवस्था चरमरा जाएगी और इसके बाद चोरी, डकैती और दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि होगी। जिसके बाद अब गुरुवार को हिंदू शरणार्थियों ने सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया है। भाजपा की तरफ से भी केजरीवाल को घेरा गया। गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल बस वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। इस बीच हिंदू शरणार्थियों ने केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया है। हिंदू शरणार्थियों का कहना है कि केजरीवाल ने जो भी कहा वो गलत है। उन्होंने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अपना धैर्य खो बैठे हैं।

उन्हें नहीं पता कि ये सभी लोग पहले ही भारत में आ चुके हैं और रह रहे हैं। अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो वे क्यों बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात नहीं करते, रोहिंग्याओं का विरोध क्यों नहीं करते? वह वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के बारे में तो ये नहीं बोलते। वे विभाजन की पृष्ठभूमि भूल गए हैं, उन्हें शरणार्थी परिवारों से मिलना चाहिए।’ सीएए लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर प्रदेश भाजपा ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थी भारतीयों के अपने थे, हैं और रहेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री भारतीय मुस्लिमों को डराने की कोशिश नहीं करें।

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