Headline
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
तुलसी की पत्तियों में छिपे हैं सेहत के कई राज, पाचन से लेकर तनाव कम करने तक मिल सकते हैं फायदे
किराये के कमरे में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला सहित 4 गिरफ्तार
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, सात जिलों में बारिश के आसार; ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

भारत में हुए जी 20 सम्मेलन की हुई तारीफ

चीन और अमेरिका के राष्ट्रपति भी होंगे शामिल 

रियो डी जेनेरियो/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील दौरे पर पहुंच गए हैं। जी20 देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने रियो डी जेनेरियो पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ। तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील में 18 और 19 नवंबर को होने वाले 19वें जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत ब्राजील चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी निदेशक ने कहा है कि भारत और ब्राजील के बीच व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अभी दोनों देशों के बीच सालाना 15 अरब डॉलर का व्यापार होता है। उन्होंने भारत में हुए जी20 सम्मेलन की भी तारीफ की और कहा कि भारत में हुआ जी20 सम्मेलन अब तक का सबसे अच्छा था।

गोम्स ने कहा कि ‘अभी दोनों देशों के रिश्ते अच्छे दौर से गुजर रहे हैं और मुझे लगता है कि भारत में हुआ जी20 सम्मेलन सबसे अच्छा था। हम भी कोशिश कर रहे हैं कि भारत जैसा ही आयोजन करें।’ ब्राजील में 18-19 नवंबर को जी20 शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन भी शामिल होंगे। ऐसे में इन दोनों नेताओं के साथ भी पीएम मोदी की द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है। ट्रोइका सदस्य होने के नाते ब्राजील में हो रहे जी20 सम्मेलन में एजेंडा तय करने में भारत की भूमिका अहम रहेगी। ब्राजील भी ग्लोबल साउथ के मुद्दे पर फोकस रख सकता है। भारत ने भी उम्मीद जताई कि दिल्ली में हुए सम्मेलन में तय किए गए मुद्दों पर प्रगति सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top